Monday, January 28, 2019

भारत ने न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराया, सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बनाई; स्कोरकार्ड देखें

माउंट माउनगानुई में खेले गए तीसरे वनडे में भारत ने न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ ही भारत ने पांच वनडे की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। टीम इंडिया न्यूजीलैंड में 10 साल बाद वनडे सीरीज जीती है। इससे पहले भारत ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में 2009 में पांच वनडे की सीरीज 3-1 से जीती थी। इस मैच में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया। उसकी पूरी टीम 49 ओवर में 243 रन पर ऑलआउट हो गई। उसकी ओर से रॉस टेलर ने सबसे ज्यादा 93 रन बनाए। भारत के लिए मोहम्मद शमी ने 3, हार्दिक पंड्या, भुवनेश्वर कुमार और युजवेंद्र चहल ने 2-2 विकेट लिए।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया ने 43 ओवर में 3 विकेट पर 245 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। रोहित शर्मा ने 62 और कप्तान विराट कोहली ने 60 रन की पारी खेली। दिनेश कार्तिक 38 और अंबाती रायडू 40 रन बनाकर नाबाद रहे।

दोनों टीमें इस प्रकार हैं
भारत : विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, शिखर धवन, अंबाती रायडू, केदार जाधव, दिनेश कार्तिक (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, कुलदीप यादव, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, युजवेंद्र चहल।

न्यूजीलैंड : केन विलियम्सन (कप्तान), मार्टिन गुप्टिल, कॉलिन मुनरो, रॉस टेलर, टॉम लाथम (विकेटकीपर), हेनरी निकोलस, मिशेल सैंटनर, डग ब्रेसवेल, ईश सोढ़ी, लॉकी फर्गुसन, ट्रेंट बोल्ट।

जींद/अलवर. हरियाणा के जींद और राजस्थान के रामगढ़ में विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान जारी है। जींद में सुबह 3 बजे तक 60% और रामगढ़ में 68.83 फीसदी वोट पड़े। दोनों सीटों पर शाम 5 बजे तक वोट डाले जाएंगे। कांग्रेस ने जींद सीट पर राष्‍ट्रीय प्रवक्‍ता रणदीप सिंह सुरजेवाला को टिकट दिया है। सुरजेवाला कैथल से विधायक हैं। भाजपा ने दिवंगत विधायक डॉ. हरिचंद मिड्‌ढा के बेटे कृष्ण मिड्‌ढा और जननायक जनता पार्टी ने दिग्विजय चौटाला को उम्मीदवार बनाया है। दोनों सीटों के नतीजे 31 जनवरी को आएंगे।

रणदीप सुरजेवाला ने सुबह मंदिर में पूजा की। जजपा उम्मीदवार दिग्विजय चौटाला भी मंदिर गए। दिग्विजय ने डीएवी स्कूल में बने बूथ पर जाकर वहां की व्यवस्था का जायजा भी लिया। 

दिग्विजय चौटाला ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के लोग पैसों की खेप के साथ पकड़े गए हैं। रणदीप सुरजेवाला रात 3 से 4 बजे तक कुछ असमाजिक तत्वों के साथ गांवों में घूमते रहे। लोग इनकी सोच को समझ चुके हैं। मैं जीत के लिए आश्वस्त हूं।

भाजपा उम्मीदवार कृष्ण मिड्ढा ने मां के साथ पोलिंग बूथ पहुंचकर वोट डाला। उन्होंने कहा कि वे जीत के प्रति पूरी तरह से आश्वस्त हैं।

1972 में विजयी हुआ था जाट उम्मीदवार

जींद में करीब 48 हजार जाट वोटर हैं। ब्राह्मण, पंजाबी और वैश्य वर्ग की बात करें तो हर समुदाय के लोगों की संख्‍या 14 से 15 हजार के बीच है। पिछली बार 1972 में कोई जाट उम्‍मीदवार विजयी हुआ था। उस समय कांग्रेस के चौधरी दल सिंह विधायक बने थे। इसके बाद जितने भी विधायक बने, उनमें से अधिकतर वैश्य और पंजाबी समुदाय के हैं।

जींद में कुल 174 बूथों पर मतदान कराने के लिए 2 हजार के लगभग चुनावी स्टाफ तैनात किया गया। वहीं हरियाणा पुलिस के 3 हजार जवान, 500 होमगार्ड्स के अलावा सीआरपीएफ और आरएएफ की 1-1 कंपनी भी बुलवाई गई है। पूरे इलाके में 51 नाके लगाए गए हैं।

Thursday, January 17, 2019

भतीजे आकाश के राजनीति में आने पर क्या कहा मायावती ने

मायावती ने एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित करके कहा है कि आकाश को "दलित राजनीति सीखने का अवसर प्रदान" कर रही हैं.

पिछले कई दिनों से यह चर्चा चल रही थी कि मायावती के साथ हर मंच पर नज़र आने वाला नौजवान कौन है, पार्टी के नेता उनके बारे में मुंह खोलने से कतरा रहे थे जबकि मीडिया में उनकी पढ़ाई-लिखाई से लेकर जूतों तक की चर्चा हो रही थी.

मायावती ने काफ़ी आक्रामक अंदाज़ में कहा, "मैं कांशीराम की शिष्या हूं, उनकी चेली हूं, मुझे मीडिया को जवाब देना आता है. जो लोग आकाश के बारे में तरह-तरह की बातें फैला रहे हैं, वे ध्यान से सुन लें कि आकाश हमारे साथ हैं."

उन्होंने कहा कि सपा-बसपा गठबंधन के बाद मीडिया के एक वर्ग में बेचैनी है और वे लोग "बसपा के शीर्ष नेतृत्व को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं".

मायावती ने कहा, "मेरे जन्मदिन के मौके पर लखनऊ में मेरे छोटे भाई आनंद कुमार के बेटे आकाश आनंद के दिखने पर, कई लोगों ने उन्हें पार्टी में बढ़ावा देने और उत्तराधिकारी बनाने जैसी बातें कहीं. यह एक बीएसपी विरोधी षडयंत्र है."

उन्होंने कहा कि दलित विरोधी दलों के इशारे पर उनके युवा भतीजे का नाम जिस तरह लाया जा रहा है, उसकी जितनी निंदा की जाए कम है.

मायावती ने अपने भाई और उनके परिवार की ख़ामोशी से, बिना कोई पद लिए पार्टी की सेवा करने की सराहना की. उन्होंने कहा, "पार्टी के अधिकांश लोगों से विचार-विमर्श के बाद, उनकी सहमति से, मैंने गैर-राजनीतिक कार्यों के लिए आनंद कुमार को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया था, लेकिन मुझ पर वंशवाद का आरोप न लगे, इसलिए उन्होंने कहा कि वे बिना किसी पद के, हमेशा की तरह काम करते रहेंगे."

मायावती ने ज़ोर देकर कहा कि उन्हें परिवारवादी और वंशवादी साबित करने की कोशिश की जा रही है लेकिन यह कहना गलत होगा. वे आकाश को दलित राजनीति में शामिल करके उन्हें सीखने का अवसर दे रही हैं, उन्होंने कहा कि ये मीडिया के उन तत्वों को उनका मुंहतोड़ जवाब है, जो ख़िलाफ़ साजिश में शामिल हैं.

आकाश मायावती के भाई आनंद के बेटे हैं और बताया जा रहा है कि इस वक़्त वो हर समय उनके साथ रहकर राजनीति की बारीकियां सीख रहे हैं.

हालांकि उन्होंने लंदन से मैनेजमेंट में पढ़ाई की है लेकिन जानकारों के मुताबिक़, मायावती जिस तरह से उन्हें हर वक़्त अपने साथ रखती हैं, उससे इसमें संदेह नहीं होना चाहिए कि वो अपने भतीजे को राजनीति में जल्द ही उतारना चाहती हैं.

बहुजन समाज पार्टी के नेता आकाश के बारे में कुछ भी बताने से साफ़ इनकार कर देते हैं लेकिन नाम न बताने की शर्त पर एक बड़े नेता ने इतना ज़रूर कहा, "फिलहाल बहनजी भतीजे आकाश को बसपा में युवा नेता के तौर पर स्थापित करने में लगी हैं और उसे पार्टी की अहम ज़िम्मेदारी देने की तैयारी कर रही हैं. लेकिन अभी वो सिर्फ़ उनके साथ दिखते भर हैं, राजनीतिक फ़ैसले बहनजी ख़ुद ही लेती हैं."

हालांकि बसपा में कोई युवा फ्रंटल संगठन नहीं है, बावजूद इसके पार्टी में और चुनावों में युवाओं की भागीदारी बढ़-चढ़कर देखी जाती है.

जानकारों के मुताबिक, बीएसपी में युवा संगठन की ज़रूरत सभी नेता महसूस करते हैं लेकिन इस बारे में कोई खुलकर नहीं बोलता.

यही नहीं, पिछले कुछ चुनावों में बीएसपी की हार के पीछे युवाओं का पार्टी से न जुड़ना भी बताया जा रहा है जबकि उसी दौरान सहारनपुर में भीम आर्मी जैसे युवाओं के आकर्षित करने वाले संगठन तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं और बीएसपी के लिए कब चुनौती बन जाएं, कहा नहीं जा सकता.

वरिष्ठ पत्रकार शरत प्रधान कहते हैं, "आकाश को आगे करने के पीछे मायावती की दलित युवाओं को पार्टी की ओर लुभाने की भी हो सकती है. ऐसा करके वो दलित युवाओं के बीच उभरने वाले अन्य संगठनों की धार को कुंद करने की कोशिश करेंगी."

कुछ दिन पहले पार्टी पदाधिकारियों की एक बैठक में मायावती ने प्रदेश भर से आए नेताओं का परिचय आकाश से कराया था.

उस वक़्त मायावती ने अपनी पार्टी के लोगों को आकाश के बारे में यही बताया था कि वो उनके भाई आनंद का बेटा है और लंदन से एमबीए करके लौटा है.

उस वक़्त मायावती ने ये भी कहा था कि आकाश आगे से पार्टी का काम देखेगा, लेकिन अभी तक पार्टी में उन्हें आधिकारिक रूप से कोई ज़िम्मेदारी नहीं दी गई है.

Wednesday, January 9, 2019

बीजेपी नेता ने मंदिर परिसर में लंच पैकेट के साथ बंटवाई शराब

उत्तर प्रदेश के हरदोई ज़िले में एक मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बीजेपी नेता नरेश अग्रवाल की मौजूदगी में लंच पैकेट के साथ शराब की बोतल बांटने को लेकर विवाद शुरू हो गया है.

इस कार्यक्रम का आयोजन नरेश अग्रवाल के विधायक बेटे नितिन अग्रवाल ने किया था.

इस मामले में नरेश अग्रवाल और नितिन अग्रवाल कुछ भी कहने से बच रहे हैं लेकिन हरदोई से ही बीजेपी सांसद अंशुल वर्मा ने इस पर गहरा ऐतराज़ जताते हुए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है.

ये मामला रविवार का है जब शहर के प्राचीन श्रवण देवी मंदिर परिसर में पासी समाज का सम्मलेन आयोजित किया गया था. सम्मेलन का आयोजन हरदोई सदर से विधायक नितिन अग्रवाल ने किया था.

इस सम्मलेन में पूर्व राज्यसभा सदस्य नरेश अग्रवाल भी मौजूद थे. बताया जा रहा है कि इसी कार्यक्रम में लोगों के बीच बांटे गए लंच पैकेटों में पूड़ी के साथ शराब की शीशी भी थी.

शराब की बोतल के साथ लंच पैकेट्स के न सिर्फ़ वीडियो वायरल हुए हैं बल्कि पूड़ियां खाते और शराब पीते हुए लोगों के वीडियो भी सामने आए हैं. यही नहीं, ये पैकेट्स कार्यक्रम में मौजूद बच्चों को भी दिए गए थे और बच्चे भी शराब की बोतल लिए वीडियो में दिख रहे हैं.

बीजेपी सांसद अंशुल वर्मा ने क्या कहा?
घटना से तिलमिलाए स्थानीय सांसद अंशुल वर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय को शिकायती पत्र लिखा है.

पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा गया है, "6 जनवरी 2019 को मेरे संसदीय क्षेत्र (लोकसभा) हरदोई के प्राचीन धार्मिक स्थल श्रवण देवी मंदिर में बीजेपी नेता नरेश अग्रवाल द्वारा आयोजित पासी सम्मेलन के दौरान उपस्थित क्षेत्रवासियों को नाबालिग़ बच्चों के बीच लंच पैकट में शराब की शीशी का वितरण किया है. यह अत्यंत दुखद है कि जिस संस्कृति की हमारी पार्टी दुहाई देती है. हमारे नवआगंतुक सदस्य नरेश अग्रवाल उस संस्कृति को भूल गए हैं."

बीबीसी से बातचीत में अंशुल वर्मा ने कहा कि यदि पार्टी उनके ख़िलाफ़ कोई क़दम नहीं उठाती है तो वो और उनके पासी समाज के लोग इसके ख़िलाफ़ सड़कों पर उतरेंगे.

अंशुल वर्मा बोले, "नरेश अग्रवाल ने हमारे पासी समाज का उपहास करते हुए जनपद के प्रख्यात शक्तिपीठ में शराब बांटने जैसा निंदनीय कार्य किया है. यदि इस प्रकार की पार्टी विरोधी गतिविधियों को पार्टी द्वारा गंभीरता से नहीं लिया गया तो अपने समाज के हित में हम सड़कों पर भी उतरेंगे."

पत्र में अंशुल वर्मा ने सरकार से मांग की है कि इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही का भी संज्ञान लिया जाए और यदि उनकी लापरवाही साबित होती है तो उनके ख़िलाफ़ भी कठोर विभागीय कार्रवाई की जाए.

बीजेपी मामले पर गंभीर
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के बाद नरेश अग्रवाल और उनके बेटे हरदोई से बाहर चले गए. बीबीसी ने इस मामले में उन दोनों की प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की लेकिन दोनों ने ही इस पर कोई बात करने से मना कर दिया.

वीडियो से पता चलता है कि कार्यक्रम में आए लोगों को लंच पैकेट बांटने का निर्देश ख़ुद नरेश अग्रवाल और उनके बेटे दे रहे हैं.

भारतीय जनता पार्टी ने फ़िलहाल मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है लेकिन बताया जा रहा है कि पार्टी की राज्य इकाई ने इसे बहुत ही गंभीरता से लिया है.

राज्य बीजेपी के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने बीबीसी से कहा, "माननीय सांसद अंशुल वर्मा की शिकायत और पार्टी अध्यक्ष को लिखा गया पत्र संज्ञान में आया है. इस तरह की गतिविधि में जो भी लिप्त पाया जाएगा, निश्चित तौर पर उसके ख़िलाफ़ पार्टी कार्रवाई करेगी. भारतीय जनता पार्टी इस तरह की संस्कृति का समर्थन नहीं कर सकती."

बीजेपी के हरदोई ज़िलाध्यक्ष सौरभ मिश्र ने बीबीसी को बताया कि इस कार्यक्रम से बीजेपी का कोई लेना-देना नहीं है.

उन्होंने कहा, "जिस सम्मेलन में इस तरह के विवादित लंच पैकेट बांटने का मामला सामने आया है, वह सम्मेलन बीजेपी का कार्यक्रम नहीं था और न ही ऐसे किसी कार्यक्रम से बीजेपी का कोई लेना-देना है."

वहीं हरदोई के ज़िलाधिकारी पुलकित खरे का कहना है कि जातीय सम्मेलन के दौरान धार्मिक स्थल परिसर में शराब बांटने की शिकायत उन तक नहीं पहुंची है. यदि शिकायत मिलती है तो उसका संज्ञान अवश्य लिया जाएगा.

Wednesday, January 2, 2019

संगीत की दुनिया में इंसानों को मात दे पाएगा कंप्यूटर?

जब 'द बीटल्स' के जॉन लेनन से पूछा गया कि वो अपने गीत कैसे लिखते हैं तो लेनन ने जवाब दिया, "हम एम1 हाइवे पर दाहिने मुड़ते हैं और लंदन के आगे निकल जाते हैं."

लेनन के साथी पॉल मैकार्टनी का कहना था कि गीत लिखने का काम असल में लंबे सफ़र जैसा है, जिसमें कई मोड़ आते हैं. उनकी राय में गीत और उसकी धुन तैयार करना एक क्रॉसवर्ड हल करने जैसा है.

आज दशकों बाद भी द बीटल्स के गीत और धुनें बेहद लोकप्रिय हैं. उनके संगीत ने आने वाली पीढ़ी पर भी गहरा असर डाला है. रॉक और पॉप संगीत पर द बीटल्स का प्रभाव अपने आप में अलग मिसाल है.

लेकिनअब दौर नया है और शायद संगीत की ये जुगलबंदी हमें नए ही रूप में दिखे. जॉन लेनन और पॉल मैकार्टिनी के बजाय अब संगीत की धुनें शायद कंप्यूटर बनाएंगे. वो गीत भी लिखेंगे और हो सकता है कि आगे चल कर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस इतनी अक़्लमंद हो जाए कि गीत गाए भी ख़ुद ही.

कंप्यूटर से सबसे पहले एक धुन तैयार की गई थी 1957 में. इसका नाम था इलियाक स्वीट. इसे अमरीका कि इलिनॉय यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर रिसर्चरों के बनाए इलियाक वन कंप्यूटर ने तैयार किया था.

इस इलेक्ट्रॉनिक दिमाग़ ने कुछ तारों को छेड़कर उनसे निकली आवाज़ को एक सूत्र में पिरोकर ये धुन तैयार की थी.

इस धुन के बारे में लोगों का ख़याल ये था कि इसने कनफ्यूज़न पैदा किया और ऐसा लगता था कि ये दौरा पड़ने के दौरान तैयार की गई है.

पर 1957 के इलियाक स्वीट से लेकर आज तक अक़्लमंद मशीनों के संगीत ने लंबा सफ़र तय कर लिया है. आज एआई की मदद से गीत लिखे जा रहे हैं. नई धुनें सजाई जा रही हैं. यहां तक कि वो नई तरह की आवाज़ें भी तैयार कर पा रहे हैं.

बीटल्स से प्रेरणा लेते हुए, सोनी के सीएसएल रिसर्च लैब की फ्लो मशीनों ने पहला एआई पॉप गीत तैयार किया है. इसका नाम है-डैडीज़ कार. इस गीत को लिखने के लिए एआई सॉफ्टवेयर ने कुछ धुनों का भी सुझाव दिया.

ये फ़ैब फोर नाम की धुन के आधार पर तैयार किया गया था. जो अंतिम गीत तैयार किया गया, उसकी धुनों को पिरोने का काम एक इंसान को करना पड़ा था. इसे स्काइग के नाम से 2016 में जारी किया गया था. डेनिश भाषा में इसका मतलब है- साया.

इस आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस यानी अक़्लमंद मशीन के बनाए एल्बम हेलो वर्ल्ड को 50 लाख लोगों ने सुना है. इस धुन को गाया है कनाडा के गीतकार कीस्ज़ा ने.

इसी तरह संगीतकार एलेक्स डा किड्स के ट्रैक नॉट इज़ी को तैयार करने के लिए आईबीएम के वॉटसन सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया था. ये क़ुदरती भाषा में जवाब देने में सक्षम मशीन है.

यह सॉफ़्टवेयर अख़बारों में लेख पढ़ सकता है और सोशल मीडिया की टाइमलाइन देखकर लोगों का मूड बता सकता है. इस मूड के आधार पर फिर वॉटसन सॉफ्टवेयर धुनों को बनाने का सुझाव दे सकता है. एलेक्स डा किड के एल्बम नॉट इज़ी को 2016 के टॉप गीतों के चार्ट में 40वां स्थान मिला था.

Wednesday, December 19, 2018

राहुल ने कहा- गुजरात-असम के मुख्यमंत्रियों को जगाने में हम कामयाब रहे, प्रधानमंत्रीजी अभी सो रहे

भाजपा शासित गुजरात में 6.22 लाख बकाएदारों का बिजली का बिल और असम में आठ लाख किसानों का कर्ज माफ करने के फैसले पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने तंज कसा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि कांग्रेस गुजरात और असम के मुख्यमंत्रियों को गहरी नींद से जगाने में कामयाब रही है, लेकिन प्रधानमंत्री अभी भी सो रहे हैं। हम उन्हें भी जगाएंगे।

मध्यप्रदेश और छतीसगढ़ में कर्ज माफ
मध्यप्रदेश और छतीसगढ़ में सरकार बनते ही कांग्रेस ने किसानों के 41 हजार 100 करोड़ रुपए के कर्ज माफ कर दिए गए। हालांकि, पार्टी ने राजस्थान में अभी कोई ऐलान नहीं किया है। तीनों राज्यों में 17 दिसंबर को शपथ ग्रहण समारोह हुआ था।

गुजरात और असम ने क्या ऐलान किया?
भाजपा शासित गुजरात सरकार ने 6.22 लाख बकाएदारों का 625 करोड़ बिजली बिल और असम सरकार ने आठ लाख किसानों का 600 करोड़ रुपए का कर्ज माफ कर दिया। बिजली बिलों में माफी की घोषणा जसदण विधानसभा सीट पर उपचुनाव से ठीक 48 घंटे पहले की गई।
भाजपा ने ओडिशा में सत्ता में आने पर किसानों का कर्ज भी माफ करने का ऐलान किया था। राज्य में 2019 में विधानसभा चुनाव होने हैं।
राहुल ने कहा था- हम मोदी को सोने नहीं देंगे
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा था, "हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दबाव डालकर देश के हर किसान का कर्ज माफ करवाएंगे। देखा आप लोगों ने? काम शुरू हो गया है। हमने 10 दिन में कर्ज माफ करने का वादा किया था।"

उन्होंने कहा- "मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ में हमारी नई सरकारों को किसानों का कर्ज माफ करने में छह घंटे का वक्त भी नहीं लगा, लेकिन मोदीजी के पास साढ़े चार साल थे। उन्होंने देश के किसानों का एक रुपया भी माफ नहीं किया। जब तक देश के हर किसान का कर्ज माफ नहीं होता, हम मोदीजी को सोने नहीं देंगे। पूरा विपक्ष मिलकर उनसे किसानों का कर्ज माफ करवाकर रहेगा।’’

6 सांसदों वाली लोजपा 5 जिलों में मजबूत
वैशाली, जमुई, खगड़िया, समस्तीपुर और मुंगेर जिले में पार्टी की अच्छी पकड़ है। 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में लोजपा ने 7 सीट पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। इनमें से उसे 6 सीट पर जीत मिली थी।

जीटीवी के शो कुबूल है में एक्ट्रेस आम्रपाली गुप्ता ने तनवीर का नेगेटिव रोल प्ले किया था। इस रोल को करने की कीमत आम्रपाली को चोटिल होकर चुकानी पड़ी। तनवीर के रोल से नाराज एक फैन ने आम्रपाली को धक्का मारकर गिरा दिया, जिससे उन्हें हाथ-पैर में चोट लग गई। एंटरटेनमेंट वेबसाइट स्पॉटबॉय की खबर के अनुसार यह शो ऑफ एयर हो चुका है।

मंदिर में हुआ हादसा : आम्रपाली के अनुसार यह हादसा मंदिर में हुआ। जहां एक बुजुर्ग महिला ने उन्हें रियल लाइफ में भी तनवीर समझ लिया। आम्रपाली मंगलवार शाम मंदिर गई थीं। जहां उनके फैन्स उनके साथ फोटोज क्लिक करवा रहे थे। तभी वह महिला उनके पास आई और उन्हें जाेर से धक्का मार कर गिरा दिया। आम्रपाली को गिराने के बाद भी वह महिला लगातार चिल्लाती रही कि वे बुरी औरत हैं और दूसरों के साथ गलत कर रही हैं।

Monday, November 26, 2018

आमिर ख़ान ने माफ़ी मांगकर बताया- क्यों फ्लॉप हुई फ़िल्म ठग्स ऑफ हिंदुस्तान?

आमिर ख़ान ने फ़िल्म 'ठग्स ऑफ हिंदुस्तान' के बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप होने के बाद पहली बार प्रतिक्रिया दी है.

आमिर ख़ान ने सोमवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, ''फ़िल्म ठग्स ऑफ हिंदुस्तान दर्शकों को पसंद नहीं आई. मैं इस बात की पूरी ज़िम्मेदारी लेता हूं. मुझे लगता है कि हम ग़लत साबित हुए. हमने कोशिश पूरी की. कोशिश में कोई कसर नहीं छोड़ी. कहीं न कहीं हम ग़लत साबित हुए.''

हालांकि कुछ गिनती के ऐसे भी लोग थे, जिन्हें ठग्स ऑफ हिंदुस्तान पसंद आई थी.

आमिर ने ऐसे लोगों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, ''कुछ लोगों को फ़िल्म पसंद आई. हम उन लोगों का शुक्रिया अदा करते हैं. लेकिन ऐसे लोग बहुत कम हैं. ज़्यादातर लोगों को फ़िल्म पसंद नहीं आई है. इस बात का हमें एहसास है. कहीं न कहीं हम ग़लत गए हैं. मैं इस बात की पूरी ज़िम्मेदारी लेता हूं.''

आमिर ने कहा, ''ऑडिएंस उम्मीदों के साथ मेरी फ़िल्म देखने आई थी. मैं उन लोगों से माफ़ी चाहता हूं कि मैं उनका मनोरंजन नहीं कर पाया. उम्मीद से लोग आए और मैं उनका मनोरंजन नहीं कर पाया, इस बात का मुझे खेद है.''

बॉक्स ऑफिस पर ठग्स ऑफ हिंदुस्तान का हाल
अमिताभ बच्चन, कटरीना कैफ़ और आमिर ख़ान की फ़िल्म ठग्स ऑफ हिंदुस्तान 8 नवंबर को रिलीज़ हुई थी.

फ़िल्म की पहले दिन की कमाई ने रिकॉर्ड बनाया था.

'ठग्स ऑफ हिंदुस्तान' साल 2018 की वो फ़िल्म बनी, जिसने रिलीज़ के पहले दिन सबसे ज़्यादा कमाई की है. फ़िल्म की पहले दिन की कुल कमाई 52 करोड़ रुपये रही.

लेकिन बाद के दिनों में ये कमाई कम होती चली गई.

फ़िल्म क्रिटिक तरण आदर्श के मुताबिक़, 'ठग्स ऑफ हिंदुस्तान' के पहले हफ़्ते की कमाई 134 करोड़ रुपये रही.

Wednesday, November 7, 2018

शराब में भी सोना घोलकर पीते हैं इस मुल्क के लोग

पूरब के हमारे पड़ोसी देश म्यांमार को कभी बर्मा कहा जाता था. पर, पूर्वी एशियाई देशों के बीच ये स्वर्णभूमि के तौर पर मशहूर है.

आप बर्मा या म्यांमार के शहरों के ऊपर से गुज़रें तो पूरी ज़मीन के ऊपर सुनहरी चादर सी तनी नज़र आती है. सुनहरे स्तूप, मंदिर और पगोड़ा ही नज़र आते हैं. फिर चाहे शहरों की व्यस्त सड़कें हों या गांव के शांत इलाक़े.

आप आसमान से ज़मीन पर उतरें तो आप को क़दम-क़दम सुनहरे बौद्ध मंदिर दिखाई देंगे. सबसे बड़े मंदिर तो पहाड़ों पर स्थित हैं.

वहीं, छोटे-छोटे मंदिर पुराने पेड़ों के नीचे या लोगों के घरों के सामने बने दिखते हैं. यूं कहें कि हर तरफ़ सोना ही सोना नज़र आता है.

इरावदी नदी इस स्वर्णभूमि के दिल से गुज़रती है. इसके किनारे ही असली बर्मा या म्यांमार हैं.

पहाड़ों पर बने विशाल बौद्ध मंदिर, बूंदों से भरे बादल, दूर-दूर तक फैले जंगल और किनारों पर स्थित छोटे-बड़े मकान ऐसे लगते हैं मानो किसी कलाकार ने कूची से एक कृति रच दी हो.

इन्हें इरावदी नदी की लहरों पर तैरते हुए देखा जा सकता है. बगान नाम के शहर के इर्द-गिर्द तो 2200 से ज़्यादा मंदिरों और पगोडा के खंडहर बिखरे हुए हैं.

11वीं से 13वीं सदी के बीच पगान साम्राज्य के दौर में यहां दस हज़ार से ज़्यादा मंदिर हुआ करते थे.

इसी दौर में बौद्ध धर्म का विस्तार पूरे म्यांमार में हो रहा था.

हालांकि बौद्ध धर्म ने बर्मा की धरती पर दो हज़ार साल पहले ही क़दम रख दिए थे.

मांडले के पेशेवर गाइड सिथु हतुन कहते हैं कि बर्मा की संस्कृति में सोने की बहुत अहमियत है.

यहां अभी भी परंपरागत तरीक़े से ही सोने को तरह-तरह के रंग-रूप में ढाला जाता है.

इस बात का ख़ास ख़याल रखा जाता है कि सोना पूरी तरह से शुद्ध है. 24 कैरेट गोल्ड है.

बांस की पत्तियों के बीच में सोने को रखकर सौ से दो सौ परतें तैयार की जाती हैं.

फिर इन्हें ढाई किलो के हथौड़ों से क़रीब 6 घंटे तक पीटा जाता है. ताकि ये सही आकार ले सकें.

शराब में भी सोना
यही नहीं, यहां की स्थानीय शराब में भी सोने के ये पत्तर डाले जाते हैं. स्थानीय शराब को व्हाइट व्हिस्की के नाम से जानते हैं.

इनकी बोतलों में सोने के पतले पत्तर डाल कर हिलाया जाता है. फिर इस सोने मिली शराब को गिलास में डालकर लोग उसका लुत्फ़ लेते हैं.

म्यांमार में सोने को बहुत पवित्र माना जाता है. यहां की 90 फ़ीसद आबादी बौद्ध है. बौद्ध धर्म में सोने को बहुत अहमियत दी जाती है.

क्योंकि सोने को सूरज का प्रतीक माना जाता है और सूरज ज्ञान और बुद्धि की नुमाइंदगी करता है.

बर्मा के लोग मंदिरों को सोने से सजाकर बुद्ध को अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं.

सिथु हतुन कहते है कि ख़ास मौक़ों पर बनने वाले चावल और सब्ज़ियों में भी सोने के टुकड़े डाले जाते हैं.

लड़कियां सोने से श्रृंगार करने के अलावा केले और सोने के बने हुए फेस मास्क से चेहरे भी चमकाती हैं.

माना ये जाता है कि सोना त्वचा के अंदर जाता है तो उससे मुस्कान बेहतर होती है.

म्यांमार में सोना मिलता भी ख़ूब है. मांडले शहर के पास ही सोने की कई खदाने हैं.

烟台警方通报“养父涉嫌性侵养女”:侦查仍在进行中

  中新网4月10日电 山东烟台市公安局芝 欧盟财长们已 色情性&肛交集合 同意向遭受新冠 色情性&肛交集合 病毒大流行打击的欧洲国家提供 色情性&肛交集合 5000亿欧元 色情性&肛交集合 (4400亿英镑;  色情性&肛交集合 5460亿美元) 色情性&肛交集合 的救助。 ...